झल्लारा/सलूम्बर, 8 जुलाई। संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर राजस्थान भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन संपूर्ण कार्य बहिष्कार एवं पूर्ण तालाबंदी की घोषणा की है। इसके तहत सलूम्बर जिले की सभी परियोजनाओं में भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्य प्रभावित रहेगा।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। आंगनबाड़ी कार्मिकों की प्रमुख मांगों में सम्मानजनक मानदेय, पेंशन व्यवस्था, 10 लाख रुपये का सामाजिक सुरक्षा/बीमा लाभ तथा सरकारी कर्मचारी का दर्जा शामिल है। इसके अलावा लगातार नए-नए ऑनलाइन कार्य और आईसीडीएस (ICDS) से इतर विभागीय कार्य सौंपे जाने से भी कार्मिकों में भारी नाराजगी है।
संघ का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं पर लगातार अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जबकि उनकी मूलभूत मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में मजबूर होकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है।
सलूम्बर जिले में सलूम्बर, झल्लारा, सराड़ा और लसाड़िया सहित सभी परियोजनाओं की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं इस आंदोलन में शामिल रहेंगी। विशेष रूप से झल्लारा परियोजना में 9 जुलाई से पूर्ण तालाबंदी और महाहड़ताल लागू रहेगी।
जिला अध्यक्ष मालवीय पटेल ने बताया कि जब तक सरकार आंगनबाड़ी कार्मिकों की सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आंदोलन की सूचना जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सामूहिक रूप से जारी कर दी गई है।