सलूंबर।गुड़में निर्माणाधीन जिला अस्पताल परिसर में बाउंड्रीवाल धराशायी होने के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। दीवार के पास लगा बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। पोल टूटने के बाद बिजली के तार नीचे की ओर लटक गए, जिससे मौके पर हादसे की आशंका बनी हुई है।
तीन साल में बाउंड्रीवाल ने छोड़ा साथ
निर्माण कार्य शुरू होने के करीब तीन वर्ष के भीतर ही अस्पताल परिसर की बाउंड्रीवाल का इस तरह गिर जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दीवार गिरने के साथ उसके पास लगा बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता की जांच जरूरी है।
लटकते तारों से खतरे की आशंका
बिजली का पोल टूटने के बाद तार लटकने लगे हैं। निर्माणाधीन अस्पताल परिसर में आवाजाही रहने के कारण लोगों को विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता है। लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग मौके पर पहुंचकर टूटे पोल और लटकते तारों को तत्काल सुरक्षित करे, ताकि किसी अप्रिय घटना की नौबत न आए।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
बाउंड्रीवाल और बिजली पोल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर हुई? क्या बाउंड्रीवाल का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया था? लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करता है।