सलूंबर। जनजातीय क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा विभाग के मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने वाला विजन डॉक्यूमेंट करार दिया। जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि हर भारतीय के सपनों को साकार करने की ठोस आधारशिला है।
मंत्री खराड़ी ने कहा कि 1 फरवरी को प्रस्तुत किया गया यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमियों—सभी के लिए समान रूप से अवसरों का द्वार खोलता है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला बजट बताते हुए कहा कि इससे भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से आगे बढ़ेगा और वैश्विक मंच पर नेतृत्व की भूमिका निभाएगा।
उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किए जाने को संसदीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय बताया और कहा कि यह सरकार की नीति निरंतरता, मजबूत नेतृत्व और आर्थिक स्थिरता का प्रमाण है।
महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान
मंत्री ने कहा कि बजट में महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति का इंजन माना गया है। प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास, केयरगिवर्स और स्वास्थ्य पेशेवरों का प्रशिक्षण, लखपति दीदी योजना का विस्तार तथा महिला उद्यमियों के लिए एसएमई ग्रोथ फंड जैसे प्रावधान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक मजबूत सेतु
बजट में युवाओं के लिए स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। एमएसएमई ग्रोथ फंड और सेवा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के कदम युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करेंगे।
मध्यम वर्ग को मिली बड़ी राहत
मंत्री खराड़ी ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में राहत, दवाओं पर सीमा शुल्क में कटौती, टीडीएस प्रक्रिया का सरलीकरण और विदेश यात्रा पर टीसीएस में कमी से मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। एलआरएस के तहत विदेश शिक्षा हेतु टूर पैकेज पर टीसीएस दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने से अभिभावकों का आर्थिक बोझ भी कम होगा।
किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
कृषि क्षेत्र में ‘भारत-विस्तार’ बहुभाषीय एआई टूल के माध्यम से किसानों को क्षेत्रीय भाषाओं में तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, भंडारण और मूल्य संवर्धन पर जोर देकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता को भी बजट में नई ऊर्जा मिली है।
स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक पहल
मंत्री ने बताया कि कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य किया गया है। जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों की स्थापना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे आमजन को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम
सेमीकंडक्टर, केमिकल पार्क, शहरी विकास, खादी-हस्तशिल्प, रक्षा और विमानन क्षेत्र में किए गए प्रावधान भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएंगे।
अंत में मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि बजट 2026-27 आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की यात्रा को गति देने वाला ऐसा दस्तावेज है, जिसमें हर वर्ग के सुरक्षित और सशक्त भविष्य की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
प्रेस वार्ता में जिला कलेक्टर अवधेश मीना, विधायक शांता अमृत लाल मीणा, पीआरओ पुष्पक मीणा, सूचना सहायक अमोल अहारी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।