सलूंबर। शहर में सोमवार को ‘गो-सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत आस्था, सामाजिक जागरूकता और जनसमर्थन का अनूठा संगम देखने को मिला। देशी गौवंश की रक्षा और उसके सम्मान को लेकर निकाली गई विशाल रैली में संत-महात्माओं के सान्निध्य में सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली ने पूरे शहर में गौ-संरक्षण के प्रति जनभावना को नई ऊर्जा दी।
रैली की शुरुआत धार्मिक मंत्रोच्चार और गौमाता के जयघोष के साथ हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, गौ-सेवकों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रतिभागियों ने देशी गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।
रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची, जहां प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देशी नस्ल की गायों के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाने की मांग की गई।
इस मौके पर संतों ने अपने संबोधन में गौवंश को भारतीय संस्कृति और कृषि व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि गौ-संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
रैली में शामिल लोगों ने एक स्वर में कहा कि यदि देशी गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा मिलता है, तो इससे गौ-हत्या पर रोक लगेगी और समाज में गौ-सेवा के प्रति नई चेतना का संचार होगा।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।