सलुम्बर जिले में राजस्थान में श्रमिकों के अधिकारों और सम्मान को लेकर एक बार फिर आवाज़ मुखर हुई है। सलूम्बर स्थित अरावली निर्माण मजदूर सुरक्षा संघ ने राज्य में शीघ्र पूर्णकालिक श्रम मंत्री की नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है।
संघ का कहना है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने में करोड़ों श्रमिकों की भूमिका बेहद अहम है, जो खदान, निर्माण, उद्योग, होटल, घरेलू कार्य, परिवहन, सफाई और कृषि जैसे अनेक क्षेत्रों में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रमिक असंगठित क्षेत्र में होने के कारण बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से वंचित हैं।
ज्ञापन में यह भी उजागर किया गया कि न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अभी भी अधिकांश श्रमिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। निर्माण श्रमिक कल्याण, खान मजदूर बोर्ड, पेंशन, बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी कमी बताई गई है।
संघ ने प्रवासी मजदूरों और महिला कामगारों की स्थिति को विशेष रूप से गंभीर बताते हुए कहा कि इन वर्गों को असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है, जिससे उनके जीवन में अस्थिरता बनी हुई है।
संगठन के अनुसार, वर्तमान में श्रम मंत्रालय का प्रभार मुख्यमंत्री के पास होने से श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित फोकस नहीं हो पा रहा है। ऐसे में श्रमिकों की समस्याएं न तो प्रभावी ढंग से सामने आ पा रही हैं और न ही उनका त्वरित समाधान हो पा रहा है।
संघ ने मांग की है कि प्रदेश में जल्द एक समर्पित श्रम मंत्री की नियुक्ति की जाए, ताकि श्रमिकों के हितों की रक्षा और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को प्राथमिकता मिल सके। साथ ही सरकार से श्रमिकों के साथ संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह भी किया गया है।