सलूंबर। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में अब प्रशासन ने सख्त और नवाचार भरा कदम उठाया है। आगामी अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा जैसे पारंपरिक अवसरों पर होने वाले संभावित बाल विवाहों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹1100 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
प्रशासन ने साफ किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठा सकें। इस पहल को सफल बनाने के लिए गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर भी प्रशासन के साथ मिलकर जागरूकता और निगरानी का कार्य कर रहा है।
जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत तक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी टीमों का गठन किया गया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों और शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि गांव-गांव तक सूचना तंत्र मजबूत हो सके।
प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इस कुप्रथा पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें और इस सामाजिक अपराध को रोकने में भागीदार बनें।