पीएचसी निर्माण में बदलाव पर बवाल, चारागाह अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर तक पहुंचे ग्रामीण

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सलूम्बर। सराड़ा तहसील के मंगराथोरी और सेमाल गांवों में चारागाह भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण और सेमाल पीएचसी के निर्माण स्थल में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेमाल में प्रस्तावित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण स्थल को बिना ग्रामसभा की सहमति के अचानक बदल दिया गया। जबकि पटवारी और आरआई द्वारा पहले जिस समतल भूमि का चयन किया गया था, वहां लाइनिंग, बोरिंग और नींव खुदाई जैसे प्रारंभिक कार्य भी शुरू हो चुके थे और सभी ग्रामीण इस स्थल पर सहमत थे।
ग्रामीणों का कहना है कि आरआई मावाराम मीणा द्वारा यह कहकर भ्रम फैलाया गया कि आराजी संख्या 1113 की 0.50 हेक्टेयर भूमि पहाड़ी क्षेत्र में है और वहां पहले से मकान बने हुए हैं, जिससे निर्माण संभव नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह तर्क जानबूझकर दिया गया ताकि समतल भूमि को किसी अन्य को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से हटाया जा सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि क्षेत्र की कई चारागाह भूमियों पर वर्षों से अवैध कब्जे हैं, जिससे पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि चारागाह की स्पष्ट सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर भूमि को ग्राम पंचायत सेमाल के सुपुर्द किया जाए और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पीएचसी का निर्माण पूर्व निर्धारित स्थल पर नहीं कराया गया, चारागाह से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और संबंधित आरआई को तत्काल हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मजबूरन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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