सलूंबर, जिले में 17 अप्रैल।देश की बहुप्रतीक्षित जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां अब ज़मीनी स्तर पर तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में सलूंबर में जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण पंचायत समिति सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को आधुनिक डिजिटल प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया गया।
उपजिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) शेल सिंह सोलंकी ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह तकनीकी आधार पर होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। प्रशिक्षण में एप इंस्टॉल करने की प्रक्रिया से लेकर उसके उपयोग और डेटा एंट्री तक हर पहलू को विस्तार से समझाया गया।
सोलंकी ने बताया कि पर्यवेक्षकों को ब्लॉक स्तर पर सीमाओं का निर्धारण, भू-चिन्हों की पहचान और प्रगणकों को उनके कार्यक्षेत्र का स्पष्ट आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही परिवारों से पूछे जाने वाले 34 महत्वपूर्ण प्रश्नों की जानकारी भी विस्तार से दी गई, ताकि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
1 मई से शुरू होगा पहला चरण
राजस्थान में जनगणना-2027 का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर 14 जून 2026 तक चलेगा। इसमें दो प्रमुख प्रक्रियाएं शामिल होंगी—स्व-गणना और फील्ड सर्वे।
1 मई से 15 मई तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जबकि 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण का सत्यापन करेंगे।
इस बार खास बात यह है कि लोगों को पहली बार स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है। वेब पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा, जिससे आमजन आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। एक परिवार की जानकारी भरने में लगभग 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।
सत्यापन के लिए जरूरी होगा एसआईडी
स्व-गणना पूरी करने के बाद परिवार को एक पहचान संख्या (SID) मिलेगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना अनिवार्य होगा। इससे फील्ड सत्यापन और अंतिम डेटा संकलन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि 1 मई को जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्वयं पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना कर इसकी शुरुआत करेंगे। साथ ही आमजन की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।
निष्कर्ष
जनगणना-2027 को इस बार डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। सलूंबर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले सर्वेक्षण कार्य को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा।