सलूम्बर, 4 जुलाई। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर जिले में आयोजित सहकार संगम कार्यक्रम में सहकारिता को ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक मजबूती का सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया। सलूम्बर क्रय-विक्रय सहकारी समिति परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलेभर के सहकारी संस्थानों, किसानों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. ने कहा कि सहकारिता केवल संस्थागत व्यवस्था नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, साझेदारी और सामूहिक विकास की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, किसानों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सहकारिता के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने और सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने किसानों से सहकारी समितियों के माध्यम से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने और सामूहिक विकास की सोच को अपनाने की अपील की।
आयोजन में सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार, सहायक रजिस्ट्रार, विभिन्न लैम्प्स एवं सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहकारिता विभाग द्वारा किया गया।