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सलूंबर। केंद्र सरकार द्वारा पारित वीबी ग्राम जी बिल के विरोध में गुरुवार को अरावली निर्माण मजदूर सुरक्षा संगठन एवं उजाला संगठन के बैनर तले मजदूरों ने जिला मुख्यालय सलूंबर में जिला स्तरीय सभा का आयोजन किया। सभा के पश्चात मजदूरों ने रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर धरना दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि सलूंबर पूर्णतः आदिवासी क्षेत्र है, जहां मनरेगा के अलावा मजदूरों के पास रोजगार का कोई स्थायी साधन नहीं है। यदि नरेगा को कमजोर किया गया या वीबी ग्राम जी बिल लागू हुआ, तो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पलायन, श्रम बाजार में शोषण और गरीब मजदूरों की स्थिति और खराब हो जाएगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वीबी ग्राम जी बिल के तहत 60 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत राज्य सरकार को देना है, जबकि पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार द्वारा नरेगा मेट व कुशल श्रमिकों का बकाया भुगतान अब तक नहीं किया गया है, ऐसे में नई व्यवस्था मजदूरों के लिए घातक सिद्ध होगी।
संगठन की प्रमुख पांच मांगें
नरेगा कानून को पूरी मजबूती के साथ बहाल किया जाए
वीबी ग्राम जी बिल को तुरंत रद्द किया जाए
नरेगा में 200 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए
मजदूरी दर ₹800 प्रतिदिन निर्धारित की जाए
सलूंबर में श्रम विभाग का कार्यालय तुरंत खोला जाए
संगठन के सचिव मांगीलाल मीणा ने बताया कि ईसरवास पंचायत के मानपुर गांव में हुए दुखद हादसे को लेकर भी संगठन ने जिला कलेक्टर से चर्चा की। उन्होंने मांग की कि दुर्घटना के दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित श्रमिक परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने में प्रशासन मदद करे।
उपस्थित पदाधिकारी
इस दौरान संगठन के अध्यक्ष कन्हैयालाल, सविता बाई, मोगी बाई, नारायणी बाई, उपाध्यक्ष रूपलाल सहित बड़ी संख्या में मजदूर महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

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