सलूंबर। नवगठित जिला सलूंबर में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग का जिला स्तरीय कार्यालय आमजन के लिए आज भी एक रहस्य बना हुआ है। महत्वपूर्ण विभाग होने के बावजूद उसका कोई स्थायी पता सामने नहीं है। हालात ऐसे हैं कि न ग्रामीणों को यह पता है कि कार्यालय कहां स्थित है और न ही विभागीय कार्यों से जुड़े लोगों को सही जानकारी मिल पा रही है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग का संचालन सलूंबर पंचायत समिति परिसर स्थित महात्मा गांधी नरेगा भवन से किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि भवन पर विभाग से संबंधित कोई नाम पट्टिका, सूचना बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। परिणामस्वरूप विभागीय कार्य से आने वाले लोग भटकते नजर आते हैं।
सूत्रों के मुताबिक जिस नरेगा भवन में यह कार्यालय संचालित किया जा रहा है, वह भवन विशेष रूप से महात्मा गांधी नरेगा योजना के कार्यों के लिए स्वीकृत है। ऐसे में अन्य विभाग का वहां संचालन नियमों के विपरीत माना जा रहा है। जिला बनने के बाद भी अब तक जलग्रहण विभाग के लिए न तो अलग भवन की व्यवस्था की गई है और न ही आमजन की सुविधा के लिए कोई स्पष्ट सूचना प्रणाली विकसित की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला स्तरीय कार्यालय होने के बावजूद इस तरह की अव्यवस्था प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। नागरिकों ने मांग की है कि शीघ्र ही विभाग के लिए स्थायी कार्यालय आवंटित किया जाए और वर्तमान संचालन स्थल पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाया जाए, ताकि आमजन को परेशानी न उठानी पड़े।
जब इस संबंध में पंचायत समिति के विकास अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने नरेगा भवन में किसी अन्य विभाग के संचालन की जानकारी होने से इनकार कर दिया।