झल्लारा में सत्रारंभ संस्थाप्रधान वाक्पीठ 2026 के द्वितीय दिवस का भव्य आयोजन, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

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सलूंबर जिले में झल्लारा स्थानीय क्षेत्र में शैक्षिक उन्नयन और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से आयोजित सत्रारंभ (उमावि) संस्थाप्रधान वाक्पीठ 2026 का द्वितीय दिवस गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को अत्यंत उत्साह और ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी(समग्र शिक्षा, झल्लारा) नगेन्द्र कुमार मेहता के प्रभावी मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत योग सत्र से हुई, जिसने उपस्थित
शिक्षाविदों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। इसके पश्चात ईश वंदना और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को गरिमामय बना दिया।शिक्षण सत्र के शुरुआती चरण में समूह कार्य के प्रतिवेदनों का वाचन किया गया। इसके उपरांत अकादमिक चर्चाओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें “नवीन सत्र आरंभ, लक्ष्य निर्धारण एवं समय प्रबंधन” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कल्याण कला के संस्थाप्रधान श्री धूलचंद मीणा ने विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने समय के अनुशासन को विद्यालयी सफलता की आधारशिला बताया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह रहा जब बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। इन मेधावियों को उपरणा ओढ़ाकर और पवित्र ग्रंथ भगवद गीता भेंट कर उनकी शैक्षणिक उपलब्धि को सराहा गया।
​विशेष रूप से झल्लारा ब्लॉक में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली कक्षा 12 की छात्रा कृष्णा कुँवर चौहान (90.80%) और कक्षा 10 की छात्रा रविना प्रजापत (94.33%) को बुड़ैल प्रधानाचार्य विकास जी जैन द्वारा 1100-1100 रुपये का नकद पारितोषिक प्रदान किया गया। इस सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरों पर हर्ष और संतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
बौद्धिक सत्रों की श्रृंखला में पायरा के प्राचार्य भरत कुमार चौबीसा ने “संस्थाप्रधान के प्रशासनिक दायित्वों” पर प्रकाश डालते हुए विद्यालयों के कुशल संचालन के सूत्र बताए। वहीं, करकला की संस्थाप्रधान श्रीमती सीमा कोहली ने ‘पुस्तक समीक्षा’ सत्र में प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसे सभी प्रतिभागियों ने सराहा। पर्यावरण की महत्ता पर केंद्रित सत्र में जोधपुर खुर्द के संस्थाप्रधान दिनेश मीणा ने “स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का विद्यार्थी शिक्षा में महत्व” विषय पर अपने विचार रखे। अकादमिक मंथन को आगे बढ़ाते हुए डॉ. लोगरलाल मीणा (संस्थाप्रधान बनोड़ा) के संयोजन में एक प्रभावी सिम्पोजियम का आयोजन किया गया।
मध्याह्न के पश्चात आर.पी. राकेश त्रिपाठी (CBEO कार्यालय) ने “शाला संबलन” विषय पर तकनीकी और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया, जबकि पंचायतीराज शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह शक्तावत ने अपने उद्बोधन से शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन विद्यालयों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया है।
इस दो दिवसीय आयोजन की सफलता में वाक्पीठ के संरक्षक डॉ. गोविंदसिंह शक्तावत, सचिव भगवतीलाल शर्मा, अध्यक्ष यशवंत कुमार मेहता, उपाध्यक्ष रामसिंह सिसोदिया और कोषाध्यक्ष
मनोहरलाल जैन की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम का विस्तृत प्रतिवेदन झरमाल के संस्थाप्रधान धवल जोशी द्वारा प्रस्तुत किया गया। पूरे आयोजन के दौरान दिलीप सोमावत और मुबीन हुसैन सिन्धी की व्यवस्थापकीय उपस्थिति एवं सहयोग सराहनीय रहा। अंत में राष्ट्रगान और विसर्जन के साथ इस गरिमामयी वाक्पीठ का समापन हुआ।

रिपोर्टर नाथू लाल सालवी

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