
(समग्र शिक्षा, झल्लारा) नगेन्द्र कुमार मेहता के प्रभावी मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत योग सत्र से हुई, जिसने उपस्थित
शिक्षाविदों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। इसके पश्चात ईश वंदना और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को गरिमामय बना दिया।
शिक्षण सत्र के शुरुआती चरण में समूह कार्य के प्रतिवेदनों का वाचन किया गया। इसके उपरांत अकादमिक चर्चाओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें “नवीन सत्र आरंभ, लक्ष्य निर्धारण एवं समय
प्रबंधन” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कल्याण कला के संस्थाप्रधान श्री धूलचंद मीणा ने विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने समय के अनुशासन को विद्यालयी सफलता की आधारशिला बताया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह रहा जब बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। इन मेधावियों को उपरणा ओढ़ाकर और पवित्र ग्रंथ भगवद गीता भेंट कर उनकी शैक्षणिक उपलब्धि को सराहा गया।
पारितोषिक प्रदान किया गया। इस सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरों पर हर्ष और संतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
विद्यार्थी शिक्षा में महत्व” विषय पर अपने विचार रखे। अकादमिक मंथन को आगे बढ़ाते हुए डॉ. लोगरलाल मीणा (संस्थाप्रधान बनोड़ा) के संयोजन में एक प्रभावी सिम्पोजियम का आयोजन किया गया।


WhatsApp us