सलूंबर। जिला कारागृह में बंद बंदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। आयुर्वेद विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कारागृह परिसर में नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान सत्रों का शुभारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, मानसिक तनाव को कम करना तथा उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों ने बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास करवाते हुए इनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है, तनाव और चिंता में कमी आती है तथा व्यक्ति के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है।
कारागृह प्रशासन ने बताया कि बंदियों के समग्र विकास और सुधार के लिए इस प्रकार की गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। योग सत्रों में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे उपयोगी पहल बताया।
अधिकारियों का मानना है कि योग और ध्यान जैसे कार्यक्रम न केवल बंदियों के मानसिक संतुलन को मजबूत करेंगे, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित होने के लिए भी प्रेरित करेंगे। भविष्य में भी इस प्रकार की स्वास्थ्य एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित किए जाने की योजना है।