सलूम्बर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को शहर स्थित कृष्णा कल्याण वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण कर वहां रह रहे बुजुर्गों की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान आवास, भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, लेकिन चिकित्सा सुविधाओं के अभाव का मामला सामने आने पर प्राधिकरण ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित निरीक्षण में सचिव विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान आश्रम में 14 वृद्धजन निवासरत पाए गए, जिनमें महिला एवं पुरुष दोनों शामिल हैं। टीम ने आश्रम प्रबंधन से बातचीत कर बुजुर्गों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी ली।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सेवाओं की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि चिकित्सा सुविधाओं के लिए संबंधित विभाग को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में वृद्धाश्रम में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा जरूरतमंद बुजुर्गों के उपचार की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निरीक्षण दल में लीगल एड डिफेंस काउंसिल से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बुजुर्गों को उनके कानूनी अधिकारों एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए विशेष विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन किया गया।