सलूंबर-खेरवाड़ा मार्ग पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर जिला अस्पताल रोड की बदहाल स्थिति अब राहगीरों की जान पर भारी पड़ रही है। सड़क पर जगह-जगह 3 से 4 फीट गहरे गड्ढे हो चुके हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक और स्कूटी चालक अचानक गड्ढों में गिरकर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर भरे पानी के कारण गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और दोपहिया वाहन सीधे गड्ढों में उतर जाते हैं। इसके चलते कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। कई मामलों में हाथ-पैर टूटने जैसी गंभीर चोटें आई हैं, वहीं वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।

गौरतलब है कि इसी जिला अस्पताल रोड पर पहले भी एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था और प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की थी। उस समय जिम्मेदार अधिकारियों ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। नतीजतन, हादसों का सिलसिला लगातार जारी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायतें दी जा चुकी हैं। इतना ही नहीं, राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर और दैनिक पब्लिक मीडिया ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग ने सड़क की मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल होने के कारण इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन, एम्बुलेंस और मरीज गुजरते हैं। यदि जल्द ही गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
जनता की मांग
नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं संबंधित विभाग से तत्काल गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था, चेतावनी संकेतक लगाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर कार्रवाई करने की मांग की है।
बारिश में बढ़ा जानलेवा खतरा
जिला अस्पताल रोड पर एनएच-53 में 3 से 4 फीट गहरे गड्ढे।








