सलूंबर। युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाने और उन्हें कानून के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मंगलवार को जिले के छह विद्यालयों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, कानूनी अधिकारों और सहायता सेवाओं की जानकारी देकर स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों के 852 विद्यार्थियों ने भाग लिया। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए बताया कि नशा केवल स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि शिक्षा, परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को प्राथमिकता देने और किसी भी प्रकार के नशे से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय सिंह महावर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश पाटीदार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिपुरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट तन्मय जोशी तथा सराड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्य कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को कानून, अनुशासन और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया। अधिकारियों ने कहा कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से युवा किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
अभियान की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में विद्यालयों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत एवं सुझाव पेटी भी स्थापित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विनीत कुमार ने बताया कि इन पेटियों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याएं या शिकायतें गोपनीय रूप से प्राधिकरण तक पहुंचा सकेंगे, जिन पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता से संबंधित पुस्तिकाएं और जानकारीपरक सामग्री वितरित की गई। साथ ही उन्हें नालसा टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी कानूनी, सामाजिक या व्यक्तिगत समस्या की स्थिति में इन सेवाओं का निःशुल्क लाभ लिया जा सकता है।