बेटी की संदिग्ध मौत से गरमाया मामला, पिता ने जताई हत्या की आशंका कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पति सहित छह जनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग, सैकड़ों ग्रामीणों ने दिया समर्थन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सलूंबर। जिले के सेरिया उमरिया फला निवासी तेजीराम मीणा ने अपनी विवाहित पुत्री पुष्पा मीणा की संदिग्ध मौत को लेकर जिला प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का मामला हो सकती है। उन्होंने पूरे प्रकरण की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार पुष्पा मीणा का विवाह सामाजिक रीति-रिवाज से नाथूलाल मीणा निवासी लकापा के साथ हुआ था। प्रार्थी का आरोप है कि विवाह के शुरुआती समय के बाद पति और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी जाने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक-दो वर्ष पहले भी कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग करते हुए उनकी पुत्री के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया था। उस समय परिवार ने समझाइश और सामाजिक हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया था।
तेजीराम मीणा ने ज्ञापन में कहा कि 16 जुलाई 2026 को पुत्री की मौत की सूचना मिलने पर वे परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि शव पर चोट के निशान दिखाई दिए और घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य दुर्घटना से मेल नहीं खाती थीं। इसी कारण उन्हें हत्या की आशंका है। उनका यह भी आरोप है कि पूरे मामले को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
ज्ञापन में नाथूलाल मीणा, देवीलाल मीणा, सोहनलाल मीणा, रतनी, तुलसी तथा लहरीबाई को नामजद करते हुए पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की मांग की गई है। प्रार्थी ने प्रशासन से आरोपितों के मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सीडीआर, डिजिटल साक्ष्य, एफएसएल रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
साथ ही जांच में तथ्य सही पाए जाने पर हत्या सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचे। इस दौरान पूर्व प्रधान देवीलाल, सरपंच रोडीलाल, पूर्व सरपंच कालूलाल, एडवोकेट रमेश डामोर, लक्ष्मीलाल, लालूराम (सरपंच प्रत्याशी), देवीलाल, शंकर अहारी, जगदीश दायमा, दीपक बरगोट, नाथूलाल, रमेश कलासुआ, भगवानजी, जगदीश अंगारी, राहुल दायमा, विनोदजी, अंबालाल सहित सेरिया, आघाटिया, प्रतापुरा, आजादपुरा, मिनवाड़ा और टोडा के अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। वहीं जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार जांच कराने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मामले में जांच की प्रक्रिया जारी है और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।

संवाददाता नाथू लाल सालवी

और पढ़ें

error: Content is protected !!