
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।बैठक में जिला परिवहन अधिकारी विपिन माहेश्वरी ने विद्यालय संचालकों और वाहन संचालकों को बाल वाहिनी योजना के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल वाहन पर हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए तथा सभी वाहनों में जीपीएस, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स और वैध दस्तावेजों के साथ अद्यतन फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें।
बैठक में स्कूल परिसरों के बाहर सड़क सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि विद्यालयों के आसपास आवश्यक रोड साइन, स्पीड ब्रेकर और अन्य चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों के आवागमन के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका न्यूनतम रहे।पुलिस अधीक्षक विशनाराम विश्नोई ने कहा कि स्कूल वाहन संचालकों और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल परिवहन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना भी है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से तय मानकों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की। साथ ही विद्यालयों में नशामुक्त वातावरण को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने पर भी बल दिया।
बैठक में दोपहिया वाहनों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों और चालकों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग पर भी जोर दिया गया।WhatsApp us