सलूम्बर। जिला एवं सेशन न्यायालय, सलूम्बर ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में कठोर रुख अपनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर ₹70 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत ₹3 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है।
मामला सेमारी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार मार्च 2025 में होली दहन कार्यक्रम के दौरान नाबालिग बालिका अपने भाई के साथ मेला देखने गई थी। भीड़ में भाई से बिछड़ने के बाद आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर बालिका के साथ मारपीट और दांत से काटने की घटना भी सामने आई। बाद में पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी मणीलाल उर्फ मनीष उर्फ भाणा को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक रणजीत कलाल पुर्बिया ने 11 गवाहों के बयान तथा 31 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। चिकित्सकीय रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
निर्णय सुनाते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने कहा कि नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है ताकि समाज में कानून का प्रभाव बना रहे और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं पोक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही निर्देश दिया कि वसूली गई जुर्माना राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।