स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती, हर केंद्र पर डॉक्टर की ड्यूटी सार्वजनिक करने के निर्देश

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सलूंबर, 3 अगस्त। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति सुधारने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सोमवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ योजनाओं की वास्तविक प्रगति सामने लाने पर जोर दिया।

बैठक में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी., अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. नरोत्तम शर्मा, परियोजना अधिकारी मातृत्व स्वास्थ्य सेवा डॉ. तरुण चौधरी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की होगी गंभीरता से जांच

समीक्षा के दौरान गंभीर एनीमिया के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला के एएनसी रिकॉर्ड की गंभीरता से जांच की जाए। ममता कार्ड में दर्ज सूचनाओं का क्रॉस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि आंकड़ों में किसी तरह की विसंगति नहीं रहे।

उन्होंने एएनसी पंजीयन में कमी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही रिपोर्टिंग को वास्तविक स्थिति पर आधारित और पारदर्शी रखने को कहा।

एएनएम के सीसाथ नियमित बैठकें जरूरी

उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारी अपने अधीनस्थ एएनएम के साथ नियमित सेक्टर बैठकें करें। इन बैठकों में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, कमियों और उनके समाधान की समीक्षा हो। स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप गुणवत्ता सुधार की गतिविधियों को भी गति देने के निर्देश दिए गए।

अस्पताल में डॉक्टर कब मिलेंगे, सूचना पट्ट पर दिखेगा

बैठक में जिला कलक्टर ने जिले में चिकित्सकों और चिकित्सा कार्मिकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए रिक्त पदों को भरने की आवश्यकता बताई। साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
इस पर प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की ड्यूटी, उपलब्धता, दिवस और समय की स्पष्ट जानकारी सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाए। इससे मरीजों और उनके परिजनों को यह पता रहेगा कि संबंधित चिकित्सक किस दिन और किस समय स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध रहेंगे।

जन औषधि और आयुष्मान योजना की भी समीक्षा

सीएमएचओ डॉ. महेंद्र परमार ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, जननी सुरक्षा योजना और लाड़ो प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
प्रमुख शासन सचिव ने दिव्यांगजन, मानसिक रोगियों सहित अन्य प्रकरणों के लिए गठित मेडिकल बोर्ड की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल बोर्ड की बैठक की तारीखों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि पात्र लोगों को समय पर जानकारी मिल सके।

विशेषज्ञ डॉक्टर और इंसुलिन की उपलब्धता का उठा मुद्दा

जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा ने ईएनटी, नेत्र रोग विशेषज्ञ और सर्जन की आवश्यकता के साथ अस्पताल में इंसुलिन की उपलब्धता का विषय प्रमुख शासन सचिव के समक्ष रखा। उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

नए जिला अस्पताल में खामियां मिलीं तो जताई नाराजगी

निर्माण कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता पर विशेष निगरानी के निर्देश

समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख शासन सचिव ने निर्माणाधीन नए जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य और डक्टिंग में सामने आई कमियों पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित एजेंसी को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। मोर्चरी में रैंप निर्माण सहित आवश्यक सुविधाएं जल्द विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए।
इस दौरान प्रमुख शासन सचिव और जिला कलक्टर ने अस्पताल परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

पुराने अस्पताल में भी व्यवस्थाएं देखीं

इसके बाद प्रमुख शासन सचिव ने पुराने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रसव सखी केंद्र, इमरजेंसी, वार्ड और प्रसव कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
उन्होंने नए जिला अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाकर उसे जल्द से जल्द आमजन के लिए संचालित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्य संदेश

स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपलब्धता सार्वजनिक होगी, गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड की जांच होगी और अस्पताल निर्माण की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

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