57 एमएम बारिश ने बदली सलूम्बर की तस्वीर, सड़कों पर जलभराव मानसून की तेज बौछारों से जनजीवन प्रभावित, नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने की अपील

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सलूम्बर। मानसून की सक्रियता के साथ सलूम्बर में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाए और तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। जिले में दर्ज 57 मिलीमीटर बारिश के बाद शहर और आसपास के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। निचले क्षेत्रों में जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इससे पहले शुक्रवार देर रात तेज हवाओं के साथ बादलों की गर्जना और बिजली की चमक ने मौसम में बदलाव के संकेत दे दिए थे। शनिवार सुबह से उमस का असर बना रहा। दोपहर बाद मौसम बदला और बारिश शुरू होते ही तापमान में गिरावट आई। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली।

निचले इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी

तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों और निचले हिस्सों में पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर वाहन चालकों और राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जलनिकासी व्यवस्था को लेकर भी लोगों में चर्चा रही। बारिश के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर आवाजाही प्रभावित दिखाई दी।

नदी-नालों से सीदूर रहने की अपील

बारिश के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों, जलाशयों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने का आग्रह किया है।

किसानों के चेहरे खिले

मानसून की बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत का माहौल है। खेतों में नमी पहुंचने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। लगातार बारिश होने पर जलस्रोतों और तालाबों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है।
मौसम विभाग और प्रशासन की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी।

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