मानसून में बीमारी का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत जांची बेड़ावल PHC और मोरिला उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण • रिकॉर्ड से लेकर दवा और साफ-सफाई तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सलूंबर, 31 जुलाई। मानसून के साथ बढ़ रही मौसमी बीमारियों की आशंका के बीच चिकित्सा विभाग ने ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को परखना शुरू कर दिया है। गुरुवार को विभागीय अधिकारियों की टीम ने पीएचसी बेड़ावल। और उप स्वास्थ्य केंद्र मोरिला पहुंचकर उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और जरूरी रिकॉर्ड की स्थिति जांची।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ओपीडी, उपस्थिति और दवा वितरण सहित विभिन्न रजिस्टरों को देखा। स्वास्थ्यकर्मियों से संस्थान में आने वाले मरीजों, उपलब्ध दवाओं और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों के सभी रिकॉर्ड समय पर अपडेट रहें और मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
बुखार के मरीजों पर रहेगी विशेष नजर
मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल संक्रमण और डायरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों को बुखार अथवा संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की तत्काल जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
गांवों में जागरूकता पर जोर
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर बीमारी से बचाव के उपाय भी बताए गए। अधिकारियों ने कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त, खांसी-जुकाम या अन्य असामान्य लक्षण सामने आने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
इन सावधानियों से बचाव संभव
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, भोजन ढककर रखने और हाथों की नियमित सफाई करने की अपील की। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल तथा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई।
विभाग का फोकस: मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी के मामलों की समय पर पहचान, तत्काल उपचार और लगातार निगरानी के जरिए संक्रमण को फैलने से रोकना।