सिकल सेल की समय पर जांच से टल सकती हैं गंभीर जटिलताएं सलूंबर में विशेषज्ञों ने बताए रोग के लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय; नेवातलाई में 70 लोगों की स्क्रीनिंग
सलूंबर, 4 अगस्त। सिकल सेल रोग की पहचान जितनी जल्दी हो, मरीज के लिए उपचार और जीवन प्रबंधन उतना ही बेहतर हो सकता है। इसी उद्देश्य से सलूंबर में सिकल सेल रोग को लेकर सीएमई एवं रोगी शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने रोग की पहचान, नियमित उपचार, परामर्श और पुनर्वास के साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
ट्राइबल केयर इंडिया फाउंडेशन, सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर तथा जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से हुए कार्यक्रम में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और उनके परिजनों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर स्क्रीनिंग और नियमित फॉलोअप से बीमारी से जुड़ी कई गंभीर जटिलताओं को नियंत्रित किया जा सकता है।
इलाज के साथ परामर्श भी जरूरी
कार्यक्रम में सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज के नर्सिंग प्रभारी ललित किशोर परगी ने रोगियों को उपलब्ध उपचार एवं सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने नियमित जांच, फॉलोअप और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार को महत्वपूर्ण बताया।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. दर्शी व्यास ने रोगियों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका समझाई। उन्होंने नियमित एवं संतुलित शारीरिक गतिविधियों को रोगियों के लिए उपयोगी बताया। नर्सिंग अधिकारी भावना जैन ने काउंसलिंग और आनुवंशिक परामर्श की जरूरत पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता डॉ. दीपक निनामा ने सिकल सेल रोग के लक्षण, जांच और निदान की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से मरीज को समय पर आवश्यक उपचार मिल सकता है। उन्होंने परिवारों में जागरूकता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने पर जोर दिया।
पानी, दवा और नियमित जांच पर जोर
रोगी शिक्षण सत्र में मरीजों और परिजनों को पर्याप्त पानी पीने, संतुलित आहार लेने, नियमित दवाएं लेने, संक्रमण से बचाव और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि सिकल सेल रोग को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों को दूर करना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नेवातलाई में 70 लोगों की स्क्रीनिंग
कार्यक्रम के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेवातलाई में सिकल सेल स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया। सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस की टीम ने 70 लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान लोगों को रोग की पहचान, बचाव, उपचार और आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर ट्राइबल केयर इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य मुकेश मेघवाल ने सहयोगी संस्थाओं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों, सिकल सेल योद्धाओं, मरीजों और परिजनों का आभार जताया। उन्होंने सिकल सेल उन्मूलन के लिए गांव-गांव जागरूकता पहुंचाने का आह्वान किया।