सलूंबर, 4 अगस्त। जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम को लेकर मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के विभिन्न थानों में नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के साथ बच्चों के लिए काम करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पुलिस अधीक्षक विशनाराम बिश्नोई के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला के मार्गदर्शन में हुई बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ ही मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
पॉक्सो व जेजे एक्ट के प्रावधानों पर चर्चा
यूनिसेफ राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट के प्रावधानों, आवश्यक दस्तावेज व निर्धारित प्रक्रिया के बारे में अधिकारियों को बताया। देखभाल एवं संरक्षण की जरूरत वाले तथा विधि से संघर्षरत बच्चों से जुड़े मामलों में अपनाई जाने वाली कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े जोखिमों के प्रति बच्चों को जागरूक करने और उन्हें सुरक्षित रखने के उपायों की जानकारी दी।
पॉक्सो मामलों की 24 घंटे में सूचना देने पर जोर
बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ. संगीता राव ने समिति की कार्यप्रणाली समझाते हुए बच्चों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रपत्रों के इस्तेमाल की जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो से संबंधित मामलों की सूचना 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति को उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी, जबकि वन स्टॉप सेंटर की प्रतिनिधि कविता पुरबिया ने केंद्र की कार्यप्रणाली और पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता प्रक्रिया के बारे में बताया।
अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
बैठक के दौरान बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा किए और बाल अपराधों से जुड़े मामलों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर सवाल किए। विशेषज्ञों ने सवालों के जवाब देते हुए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया और सावधानियों की जानकारी दी।
बैठक में महिला थाना प्रभारी भंवर लाल, मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ के हरिनारायण, महिला अपराध एवं अनुसंधान प्रकोष्ठ के एएसआई बहादुर सिंह, जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, सलूंबर व सराड़ा की महिला सुरक्षा सलाह केंद्र की प्रतिनिधि, कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी तथा गायत्री सेवा संस्थान की पायल सहित अन्य मौजूद रहे।








