सलूम्बर। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सराड़ी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (NQAS) के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सराड़ी को भारत सरकार ने 92.47 प्रतिशत अंक के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया है। इस उपलब्धि से जिले के स्वास्थ्य विभाग में खुशी का माहौल है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि राष्ट्रीय टीम के सदस्य डॉ. फैज़ल अहमद और सूरज रामकृष्ण धरपवार ने 3 एवं 4 जुलाई 2026 को पीएचसी सराड़ी का निरीक्षण किया था। टीम ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, सेवाओं और गुणवत्ता मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।
चार प्रमुख विभागों का हुआ मूल्यांकन
निरीक्षण के दौरान टीम ने ओपीडी, लैब, एनएचपी और जनरल एडमिन सहित चार प्रमुख विभागों की व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा और उसे 92.47 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इसके आधार पर केंद्र को राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणन प्रदान किया गया।
कई टीमों की मेहनत लाई रंग
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.डी. मीना ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे जिला क्वालिटी टीम, ब्लॉक क्वालिटी टीम और पीएचसी सराड़ी के समस्त स्टाफ की लगातार मेहनत रही। बीसीएमओ डॉ. संपत मीना, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र पुरी गोस्वामी, कैलाश डामोर तथा ब्लॉक क्वालिटी टीम ने तैयारियों और व्यवस्थाओं में लगातार सहयोग किया।
बीसीएमओ डॉ. संपत मीना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होना जिले के लिए गौरव की बात है। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र पुरी गोस्वामी ने बताया कि जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसी तरह राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
तीन साल तक हर वर्ष मिलेंगे 3 लाख रुपये
राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणन मिलने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सराड़ी को तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों और क्षेत्रवासियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।









