सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन से समृद्ध राजस्थान की ओर बढ़ता सलूंबर जिला स्तरीय समारोह में महिला सशक्तिकरण और बाल पोषण पर हुआ मंथन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं व साथिनों को मिली ₹1100 की सौगात
सलूंबर, 15 अगस्त। महिला सशक्तिकरण, बाल स्वास्थ्य और पोषण को केंद्र में रखते हुए “सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान” थीम पर जिला स्तरीय समारोह शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सानिध्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से सलूंबर भी वर्चुअल माध्यम से जुड़ा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, साथिनों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्मिकों ने भाग लिया।
राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण जिला मुख्यालय पर किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता हस्तांतरित की और लाभार्थियों से संवाद भी किया।
रक्षाबंधन पर आंगनबाड़ी कार्मिकों को ₹1100
रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों के बैंक खातों में ₹1100 की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इसे महिला कार्मिकों के सम्मान और उनके योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
कार्यक्रम में पोषण योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को भी डीबीटी के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। सरकार का जोर योजनाओं का लाभ बिचौलियों से मुक्त रखते हुए सीधे पात्र लोगों के बैंक खातों तक पहुंचाने पर रहा।
27 आकांक्षी ब्लॉकों में किशोरी बालिका योजना की शुरुआत
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के 27 आकांक्षी ब्लॉकों में किशोरी बालिका योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समारोह में महिला एवं बालिका सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के प्रयासों को रेखांकित किया गया।
योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मिला बल
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से महिलाओं को स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है, वहीं बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के प्रयासों ने महिलाओं की वित्तीय भागीदारी को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं के नाम से आवास मिलने से परिवार में उनके निर्णय लेने के अधिकार और सामाजिक स्थिति को भी मजबूती मिली है।
मां वाउचर योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने के प्रयासों की जानकारी दी गई। वहीं स्वयं सहायता समूहों और राजीविका के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार तथा आय के साधनों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
अंतिम छोर तक पहुंचे योजनाओं का लाभ : जिला कलक्टर
जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, आवास, आजीविका और निर्णय लेने की क्षमता से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इन क्षेत्रों में संचालित योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ विकास की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी बढ़ा रही हैं।
बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने लिया हिस्सा
जिला स्तरीय समारोह में महिला लाभार्थियों के साथ बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और साथिनें मौजूद रहीं। प्रतिभागियों ने राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण देखा और मुख्यमंत्री के संबोधन के साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक विजयराज मीणा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के उपनिदेशक दीपक धाकड़, प्रकाश चौबीसा, बाल विकास परियोजना अधिकारी सराड़ा पलक जैन, बाल विकास परियोजना अधिकारी सलूंबर सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं साथिनें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन चंद्रवीर सिंह भाटी ने किया।