लसाड़िया में कलेक्टर का दौरा: स्कूल, अस्पताल से लेकर रात्रि चौपाल तक व्यवस्थाओं की पड़ताल रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

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सलूंबर, 20 अगस्त। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने बुधवार को लसाड़िया क्षेत्र का दौरा कर शिक्षा, चिकित्सा, छात्रावास सहित विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने पंचायत समिति में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, कालीभीत के विद्यालय व चिकित्सालय का निरीक्षण किया और रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के निर्देश दिए।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए जरूरी निर्देश

पंचायत समिति लसाड़िया में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक में कलेक्टर ने क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए और विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाए। कमजोर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश भी दिए।

कालीभीत अस्पताल में परखी स्वास्थ्य सुविधाएं

कालीभीत चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और आवश्यक संसाधनों की स्थिति देखी। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों एवं कार्मिकों को मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई पर फोकस

कालीभीत विद्यालय पहुंचकर कलेक्टर ने कक्षाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और परिसर की स्वच्छता का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली और कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रयास करने को कहा।
कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

रात्रि चौपाल में खुलकर रखी ग्रामीणों ने समस्याएं

कालीभीत में आयोजित रात्रि चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी विभिन्न समस्याएं और परिवेदनाएं कलेक्टर के सामने रखीं। कलेक्टर ने एक-एक कर ग्रामीणों की बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वस्तुस्थिति की जानकारी ली।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार और प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल परिवेदनाएं सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी समाधान की नियमित मॉनिटरिंग भी जरूरी है।

बालिका हॉस्टल में छात्राओं से किया संवाद

दौरे के दौरान कलेक्टर ने कालीभीत स्थित बालिका हॉस्टल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने छात्राओं के रहने, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्होंने हॉस्टल में मिल रही सुविधाओं और उनकी आवश्यकताओं के बारे में पूछा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बालिकाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने तथा भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के दौरे से प्रशासनिक अमले को स्पष्ट संदेश मिला कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी तथा आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्राथमिकता रहेगा।

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