अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि परीक्षा परिणाम में जानबूझकर अधिवक्ताओं को अनुत्तीर्ण कर दिया गया, जबकि केवल एक अधिवक्ता को ही साक्षात्कार के लिए उत्तीर्ण घोषित किया गया, जो परीक्षा नियमों के विपरीत है। अधिवक्ताओं ने बताया कि सभी न्यायिक अधिकारियों को भी अनुर्तीण घोषित किया गया, बावजूद इसके उन्हें विभागीय पदोन्नति दी जा रही है, जो न्यायिक निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित षड्यंत्र बताते हुए परीक्षा को रद्द करने
अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने, तथा न्यायपालिका में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विशेष कानून बनाए जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में बार अध्यक्ष कमल बाहेती, महासचिव राम भरोसे पुरोहित, कोषाध्यक्ष
मांगीलाल गवारिया, सचिन भुवनेश आगाल, पूर्व अध्यक्ष गेबीलाल दामावत, सोहनलाल चौधरी, सीपी मेहता, विजेश भलवाड़ा सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।WhatsApp us