सलूम्बर। नगर परिषद चुनाव के नतीजे सामने आते ही सलूम्बर की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है। 25 वार्डों में मतदान के बाद 14 सितंबर को हुई मतगणना ने पार्षदों की तस्वीर साफ कर दी। अब नगर परिषद में अगली शहरी सरकार बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, मतगणना पूरी होते ही दोनों प्रमुख दलों ने नव निर्वाचित पार्षदों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी। पार्षदों को एकजुट रखने के लिए उन्हें अलग स्थानों पर ले जाने की रणनीति अपनाई गई है। शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ नवगठित पार्षदों को जिले से बाहर भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है।





