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सलूंबर। जिले में मेवाड़ की आराध्य और मेवल की महारानी के रूप में विख्यात श्री मां ईडाणा माता जी के धाम में शारदीय नवरात्रि के दौरान आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। माता के दर्शन के लिए प्रतिदिन करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मेवाड़, वागड़ और छप्पन क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से शाम तक दर्शनार्थियों की आवाजाही, भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर धाम में धार्मिक आयोजनों के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता की मिसाल भी देखने को मिल रही है। भामाशाहों के आर्थिक सहयोग और पटेल समाज के युवा मित्र मंडल के सामूहिक प्रयासों से श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन एवं फलाहार की व्यवस्था की गई है। सेवा में जुटे समाजजन दिनभर भक्तों को भोजन परोसने, बैठाने और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
अग्नि स्नान की परंपरा से देशभर में पहचान
मां ईडाणा का धाम अपनी विशिष्ट धार्मिक मान्यताओं और अग्नि स्नान की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माता स्वयं अग्नि स्नान करती हैं। इसी अनूठी मान्यता के चलते यह धाम दूर-दूर तक श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि में भक्त माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
लकवा पीड़ितों की भी गहरी आस्था
माता के दरबार में लकवा सहित विभिन्न शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे लोग भी श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, कुछ लकवा पीड़ित श्रद्धालु यहां करीब सवा महीने तक ठहरकर माता की आराधना करते हैं। स्वास्थ्य में सुधार से जुड़े अनुभवों के कारण भी कई लोगों की इस धाम के प्रति गहरी आस्था है। हालांकि, ऐसे स्वास्थ्य लाभ के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सकीय सलाह और उपचार आवश्यक हैं।
भामाशाहों के सहयोग से नौ दिन भोजन-फलाहा
नवरात्रि के दौरान धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नौ दिन तक निःशुल्क भोजन और फलाहार वितरण की व्यवस्था की गई है। इसमें भामाशाह भीम सिंह चुंडावत, नवल सिंह गुड़ा तथा मुंबई प्रवासी भामाशाह जगदीश चंद्र औदिव्य, खेड़ी का सहयोग मिल रहा है।
श्रद्धालुओं को प्रतिदिन अलग-अलग मेनू के अनुसार भोजन परोसा जा रहा है। भोजन के साथ मिठाई भी दी जा रही है, जबकि व्रत रखने वाले भक्तों के लिए अलग से फलाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन वितरण का कार्य सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार जारी रहता है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
पटेल समाज के युवा मित्र मंडल ने संभाली सेवा की कमान
भोजन वितरण और सेवा व्यवस्था में मेवल के पटेल समाज के युवा मित्र मंडल सहित समाज के अन्य महानुभाव सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आसपास के विभिन्न गांवों से युवा और समाजजन धाम पहुंचकर भोजन परोसने, श्रद्धालुओं को बैठाने तथा अन्य व्यवस्थाओं में हाथ बंटा रहे हैं।इस सेवा अभियान की प्रमुख जिम्मेदारी भीमाराम पटेल, खेराड़ ने संभाल रखी है। समाजजनों की सामूहिक भागीदारी से नवरात्रि के दौरान सेवा कार्य व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है। श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्ष भरसेवा में जुटे रहते हैं दानदाता
मां ईडाणा धाम में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए दानदाताओं और सेवाभावी लोगों का सहयोग वर्षभर मिलता रहता है। मुंबई प्रवासी जगदीश चंद्र औदिव्य, खेड़ी की ओर से यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन व्यवस्था में सहयोग किया जाता है। वहीं, जमुड़ा निवासी एवं वर्तमान में सलूंबर में रहने वाले सेवानिवृत्त अध्यापक रमेश गर्ग भी निस्वार्थ भाव से धाम की व्यवस्थाओं की निगरानी में सहयोग करते हैं।
भामाशाहों और सेवाभावी लोगों के प्रयासों से धाम में पहुंचने वाले भक्तों को भोजन, बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। यह पहल धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक सहयोग का संदेश दे रही है।
भजन-कीर्तन के साथ मेले की रौनक
नवरात्रि में मां ईडाणा के दरबार में दर्शन-पूजन के साथ मेले की रौनक भी देखने को मिल रही है। श्रद्धालु माता के दर्शन के बाद भजन-कीर्तन में भाग ले रहे हैं। आसपास के गांवों से परिवार बच्चों के साथ मेले में पहुंच रहे हैं। मेले में झूलों, दुकानों और खरीदारी को लेकर भी लोगों में उत्साह बना हुआ है। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं।
दर्शन व्यवस्था में पुलिस प्रशासन तैनात
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन और निकास के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों की सुविधा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए गिंगला थाना पुलिस तैनात है। मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए संबंधित व्यवस्थाओं से जुड़े लोग भी सहयोग कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, मां ईडाणा का धाम नवरात्रि में आस्था, भक्ति, सेवा और सामाजिक सहभागिता का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
एक ओर हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भामाशाहों, पटेल समाज के युवा मित्र मंडल और सेवाभावी लोगों के प्रयासों से भोजन एवं फलाहार वितरण का कार्य निरंतर जारी है। श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे लोगों का समर्पण धार्मिक आयोजन को जनसेवा से जोड़ते हुए सामूहिक सहयोग की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।
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