स्वच्छ भारत मिशन योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताएं।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पंचायत समिति प्रशासन की लापरवाही और भुगत रहे ग्राम विकास अधिकारी जयपुर पंचायती राज मंत्री श्री मदन

मंत्री के द्वारा पंचायती राज विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन निदेशालय को ग्रामीण क्षेत्र में गीले एवं सूखे कचरे के प्रबंधन के साथ ही निरंतर एवं संपूर्ण स्वच्छता के सुनिश्चित करने के लिए दरें एवं कार्य योजना बनाने के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है मंत्री के निर्देशों पर वर्षों बाद पहली बार दिलावर वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र में निरंतर एवं संपूर्ण स्वच्छता को लेकर एक्शन मोड में है विगत एक वर्ष से पंचायतीराज

स्वच्छता की दरें तो तय कर दी गई है लेकिन टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितता सामने आ रही है टेंडर पंचायत समिति स्तर पर किया जाना था जिसके लिए स्पष्ट निर्देश थे कि

किसी भी फर्म को दो से अधिक ग्राम पंचायत का टेंडर नहीं दिया जावे एवं जिनके पास वास्तविक सफाई कर्मी हो उनके ही टेंडर स्वीकार किए जावे लेकिन इसकी पूर्णता अवहेलना करते हुए एक ही ठेकेदार को पूरी पंचायत समिति का ठेका छोड़ दिया गया प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्सी पंचायतकंप्यूटर फर्म को ही सफाई के टेंडर कर दिए गए है कुछ ऐसी फर्म को ठेका दे दिया गया जिसके पास सफाई कर्मी उपलब्ध नहीं है ना ही उसे सफाई कार्य का अनुभव है प्रदेश में कुछ ऐसे संवेदकों को भी टेंडर छोड़ दिया गया जो ब्लैकलिस्टेड है इसके अतिरिक्त एक और भारी अनियमितता सामने आई है प्रदेश में बहुत बड़े स्तर पर आनन – फानन में किए गए टेंडर से पूर्व किसी भी प्रकार की स्वीकृति ही जारी नहीं की गई है किसी भी टेंडर से पूर्व कार्य की प्रशासनिक वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति जारी किया जाना अनिवार्य होता है लेकिन स्वीकृतियां भी जारी नहीं किया जाना गंभीर वित्तीयअनियमितता है सफाई के मूल्यांकन एवं भुगतान की प्रक्रिया भी स्पष्ट नहीं की गई है जिसके कारण भी ग्राम पंचायत के सरपंचों एवं ग्राम विकास अधिकारियो मेसमिति की 30 ग्राम पंचायत में से 23 ग्राम पंचायत का ठेका एक ही फर्म को छोड़ दिया गया जिसके पास ना ही तो 23 ग्राम पंचायत में सफाई करवाने के लिए सफाई कर्मी है एवं ना ही घर-घर कचरा संग्रहण के लिए वाहन उपलब्ध है इसी प्रकार राजसमंद जिले की पंचायत समिति भीम एवं देवगढ़ का टेंडर एक ही फर्म शिव कृपा सफाई एंटरप्राइजेज को छोड़ दिया गया कुछ पंचायत समितियां में तो ईमित्र संचालकों एव

असमंजस की स्थिति है और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो रही है पंचायत राज मंत्री निरंतर फील्ड में विजिट कर सफाई व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं जिनमें अधिकांश जगहों पर सफाई नहीं होना पाया गया जिसके कारण उनके द्वारा प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहीया करने के निर्देश दिए गए हैं इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष शंकर कुम्हार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में निरंतर एवं संपूर्ण

स्वच्छता माननीय मंत्री के साथ ही राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की भी सर्वोच्च प्राथमिकता है वर्ष 2015 से ग्राम विकास अधिकारी संघ राज्य एवं केंद्र में वित्त आयोग की गाइडलाइन की प्राथमिकताओं की पालना में स्वच्छता की दरे बनवाने के लिए लगातार प्रयासरत था इस संबंध में 5 नवंबर 2015 को एवं 16 नवंबर 2015 को शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज विभाग के द्वारा प्रदेश के समस्त जिला कलेक्टर को स्वच्छता की दरे बनाने के लिए निर्देशित भी किया गया था लेकिन 10 वर्षों में दरें तक निर्धारित नहीं की गई वर्तमान पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर के प्रयासों से स्वच्छता की दरे बनी है लेकिन यह दरें

व्यावहारिक नहीं है क्योंकि यह दरें संपूर्ण प्रदेश में एक जैसी है जबकि राजस्थान प्रदेश की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग है उदयपुर संभाग में पहाड़ी क्षेत्र है वहीं दूसरी ओर रेगिस्तानी क्षेत्र जोधपुर संभाग में भी ग्राम पंचायत के गांव ग्रामों की दूरी बहुत अधिक है।। इन दरों में संपूर्ण प्रदेश में कार्य करवाया जाना मुश्किल है सफाई कार्य के लिए समस्त ग्राम पंचायतो में केंद्रीय वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग के पर्याप्त राशि उपलब्ध है लेकिन दरें निर्धारित नहीं होने , घर-घर कचरा संग्रहण के लिए वाहन उपलब्ध नहीं होने एवं प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने के कारण निरंतर सफाई नहीं हो पा रही है अतः हमारी पुरजोर मांग है कि दरें जिला स्तर पर पुनः निर्धारित की जावे इसके साथ ही पंचायत समिति स्तर से टेंडर करने में जो त्रुटियां हुई है उनको भी दुरुस्त किया जावे जिन फर्म के पास सफाई कार्य का अनुभव नहीं है और जिनको स्वच्छता के टेंडर छोड़ दिए गए हैं उनको विधिक प्रक्रिया अपनाकर निरस्त किया जावे एवं जब तक संपूर्ण

व्यवस्थाएं सुनिश्चित नहीं हो जाती है तब तक प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों पर की जा रही कार्यवाही पर रोक लगाई जावे ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला मंत्री मंत्री हरीश सुथार ने कहा कि भुगतान एवं मूल्यांकन प्रक्रिया जारी नहीं होने से ग्राम पंचायत प्रशासन असमंजस में है ऐसे में जिला परिषद एवं पंचायत समिति प्रशासन की लापरवाही की सजा ग्राम विकास अधिकारी को दिया जाना न्याय उचित नहीं है आज इसे लेकर संपूर्ण प्रदेश में ग्राम विकास अधिकारियों ने पंचायत समिति मुख्यालय एवं जिला परिषद मुख्यालय पर ज्ञापन देकर शासन और सरकार का ध्यानाकर्षण किया है।

रिपोर्टर जितेंद्र पंचोली

और पढ़ें

error: Content is protected !!