सलूंबर। जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तर पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर अवधेश मीना की अध्यक्षता में हुई जिला निगरानी समिति की बैठक में कृषि व संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत घटाती है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक इनपुट्स और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाई जाए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने फसलों के पंजीकरण, सर्वेक्षण और दावों के निस्तारण की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी रखने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी पात्र किसान को योजना के लाभ से वंचित न रखा जाए तथा शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती की वर्तमान प्रगति, भविष्य की कार्ययोजना और किसानों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए गुणवत्तापूर्ण खेती और किसानों की आय में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।