सलूम्बर। शहर के सेरींग तालाब में फैली गंदगी और प्रदूषण को लेकर शनिवार को पर्यावरण प्रेमियों एवं नागरिकों द्वारा श्रमदान किया गया। तालाब के अंदर से निकल रहे नाले में कचरा जमा होने के कारण गंदा पानी तालाब में मिल रहा है, जिससे तालाब की जल-स्वच्छता लगातार प्रभावित हो रही है।
नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर समय-समय पर नगर परिषद, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। नाले के निकलने से पहले तालाब के घाटों पर लोगों की चहल-पहल रहती थी, लेकिन वर्तमान में दुर्गंध और गंदगी के कारण वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है।
इसके साथ ही तालाब में पड़ी सीवरेज लाइन से आए दिन गंदा पानी ओवरफ्लो होकर तालाब में पहुंच रहा है, जिससे पानी की गुणवत्ता और अधिक खराब हो रही है। पर्यावरण क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों ने तालाब को पॉलीथिन मुक्त करने एवं तालाब से गुजर रहे चोक नालों से कचरा हटाने का संकल्प लेते हुए प्रत्येक शनिवार सुबह एक घंटे श्रमदान करने का निर्णय लिया है।
श्रमदान के पश्चात सभी ने नगर निगम व जिला प्रशासन से मांग की कि तालाब क्षेत्र में पड़ी खुली नालियों को बाहर निकाला जाए, ताकि तालाब को स्थायी रूप से प्रदूषण से बचाया जा सके।
वरिष्ठ पर्यावरण प्रेमी महेश आमेटा ने नागरिकों से अपील की कि तालाब को साफ-सुथरा रखने के लिए सभी नगरवासी सहयोग करें और पॉलीथिन का उपयोग न करें।
पर्यावरण प्रेमी प्रहलाद पटेल ने कहा कि जब तक तालाब में सीवरेज का पानी जाता रहेगा, तब तक शुद्ध जल की उम्मीद नहीं की जा सकती।
रामचन्द्र सालवी ने भी सलुम्बर के नागरिकों इस सफाई अभियान में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने और तालाब सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों को पॉलीथिन मुक्त बनाने की अपील की गई।
श्रमदान के दौरान तालाब क्षेत्र में पड़ी प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को बाहर निकाला गया तथा खुली नालियों से कूड़ा हटाया गया। इस अभियान में किशोर प्रजापत, रामजी टेलर, पूर्व चेयरमैन भगवतीलाल सेवक, शंकर लाल भोई, राकेश प्रजापत, शिवानंद पुरोहित, विष्णु सोनी, संतोष राठौड़, विमल आमेटा सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।