मेवाड़ की महारानी के दरबार में विशेष तैयारी, अग्नि स्नान की अद्भुत परंपरा आकर्षण का केंद्र

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सलूंबर जिले के प्रसिद्ध ईडाणा माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 19 मार्च को विधिवत घट स्थापना के साथ नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।
यह प्राचीन धाम अपनी अनूठी पहचान के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है। मंदिर की छत नहीं होने के कारण इसे विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है, वहीं यहां समय-समय पर होने वाली अग्नि स्नान की अद्भुत घटना श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनी रहती है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार माता को मेवाड़ की महारानी के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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