सलूम्बर। जिले के परसाद थाना क्षेत्र में बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रशासन को अहम सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग बच्चों को श्रम से मुक्त कराया गया। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चल रही मुहिम के तहत पुलिस विभाग, सामाजिक संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं के सहयोग से संचालित किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों के साथ बाल कल्याण विभाग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
मुक्त कराए गए बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें अस्थायी रूप से शेल्टर होम में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि बच्चों से अवैध रूप से काम कराया जा रहा था, जो कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दो नियोक्ताओं के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बच्चों के पुनर्वास, काउंसलिंग और शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
अभियान से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बालश्रम के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि कहीं भी बालश्रम की जानकारी मिलने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देकर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।