40 साल पुराने भूमि विवाद का पटाक्षेप, सेवा शिविर में दो बहनों के बीच हुआ समझौता

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सलूम्बर। ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों के समाधान की मुहिम रंग लाने लगी है। सेमारी तहसील की ग्राम पंचायत श्यामपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में करीब चार दशक से चले आ रहे भूमि विवाद का सुखद अंत हो गया। ग्राम जोधपुरिया निवासी सगी बहनों हीराबाई और धुलीबाई के बीच विवादित भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा कर प्रशासन ने लंबे समय से चली आ रही पारिवारिक खींचतान को समाप्त कर दिया।
शिविर के दौरान राजस्व अधिकारियों ने दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की और समझाइश के जरिए सहमति का रास्ता निकाला। इसके बाद नियमानुसार भूमि का बंटवारा कर आवश्यक राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टियां दर्ज की गईं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को बंटवारे संबंधी आदेश एवं दस्तावेज सौंपे गए।
ग्रामीणों के अनुसार यह विवाद लगभग 40 वर्षों से चला आ रहा था, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। समझौते के बाद परिवारों में खुशी का माहौल है और गांव में भी सकारात्मक संदेश गया है।
शिविर में राजस्व विभाग ने कुल आठ आपसी सहमति के बंटवारे तैयार किए, जिनमें यह मामला सबसे प्रमुख रहा। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य केवल प्रकरणों का निस्तारण ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को भी मजबूत करना है। ऐसे शिविरों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित विवादों का त्वरित समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है।

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