झल्लारा क्षेत्र के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ग्रामीण सेवा शिविरों में पट्टे जारी करने की रखी मांग

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सलूंबर। झल्लारा ब्लॉक के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने लंबे समय से बिलानाम (सरकारी) भूमि पर खेती और निवास कर रहे आदिवासी परिवारों को स्थायी राहत देने की मांग उठाई है। इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से पात्र परिवारों को भूमि के पट्टे जारी करने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र के अनेक आदिवासी किसान वर्षों से बिलानाम भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। भूमि पर नियमित कब्जा होने के बावजूद उनके नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से वे मालिकाना अधिकार से वंचित हैं। इसके कारण किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पात्र परिवारों को भूमि का विधिवत आवंटन कर पट्टे जारी किए जाएं तो उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलने के साथ कृषि विकास और सरकारी सुविधाओं का लाभ भी आसानी से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण सेवा शिविरों में ऐसे प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों ने प्रशासन से आग्रह किया कि वर्षों से काबिज पात्र आदिवासी परिवारों का सर्वे करवाकर नियमानुसार भूमि का आवंटन किया जाए, ताकि उन्हें स्थायी मालिकाना हक मिल सके और भविष्य में किसी प्रकार की अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़े।

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