सलूंबर, 3 जुलाई। मानसून के साथ बढ़ते डेंगू के खतरे को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जुलाई माह में जिलेभर में विशेष एंटी डेंगू माह अभियान चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। अभियान का उद्देश्य केवल डेंगू के मामलों पर नियंत्रण करना ही नहीं, बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी से मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त कर बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित करना भी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी), आशा सहयोगिनी, एएनएम और सीएचओ की टीमें घर-घर पहुंचकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और अन्य जल संग्रहण स्थलों की जांच करेंगी। जहां भी मच्छरों का लार्वा मिलेगा, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। वहीं सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और स्थानीय संचार माध्यमों के जरिए भी लोगों तक बचाव संबंधी संदेश पहुंचाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। अस्पतालों में जांच, दवाइयों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे किसी भी स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू फैलने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने दे। विभाग ने लोगों से “चेक, क्लीन एवं कवर” के सिद्धांत को अपनाने की अपील करते हुए कहा है कि नियमित सफाई और सावधानी ही डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।