सलूंबर। जिले में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत विभागीय टीम ने विभिन्न डेयरी एवं दूध संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण कर पांच दूध के नमूने एकत्रित किए, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के समन्वय से की गई। बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलेभर में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने केवड़ा दूध डेयरी, जय मुलेश्वरी डेयरी सहित धावड़िया स्थित दूध संग्रहण केंद्र का निरीक्षण किया। धावड़िया केंद्र से पूर्व में लिया गया दूध का नमूना जांच में निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद संबंधित फर्म के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया जा चुका है। इसी केंद्र से पुनः नमूना लेकर विस्तृत जांच के लिए भेजा गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान दूध और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना बढ़ जाती है।
इसे देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने, खुले में खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं करने तथा निर्माण में गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण अभियान में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीणा तथा सहायक शूरवीर सिंह भी मौजूद रहे। विभाग ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की सघन जांच एवं नमूना संग्रहण की कार्रवाई जारी रहेगी।