सलूंबर, 29 जुलाई। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान के प्रदेशव्यापी अभियान के तहत बुधवार को सलूंबर जिले के सभी छह शैक्षिक खंडों में ‘गुरु वंदन कार्यक्रम’ का आयोजन श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया। सलूंबर, सराड़ा, सेमारी, झल्लारा, लसाड़िया और जयसमंद क्षेत्र के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षकों का पारंपरिक सम्मान कर उनके शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया गया।
महासंघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुजनों का उपरना ओढ़ाकर अभिनंदन किया तथा उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार करने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माता होते हैं। समाज को सशक्त और संस्कारित बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखे।
महासंघ के जिलाध्यक्ष हिमांशु भट्ट ने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही राष्ट्र की भावी पीढ़ी मजबूत आधार प्राप्त करती है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी खंडों में एक साथ कार्यक्रमों का सफल आयोजन संगठन की सक्रियता और शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जिला मंत्री कमल आमेटा ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी खंड पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
गुरु वंदन कार्यक्रम के माध्यम से जिलेभर में शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और शिक्षा के महत्व का प्रभावी संदेश भी समाज तक पहुंचाया गया।