सलूम्बर, 19 अगस्त। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत सलूम्बर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 209 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद किया है। संयुक्त पुलिस टीम ने स्कॉर्पियो-एन में सवार दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी मिले हैं।
पुलिस के अनुसार साइबर सेल को सूचना मिली थी कि सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन में डोडा चूरा भरकर मारवाड़ की ओर ले जाया जा रहा है। इसके साथ एक सफेद क्रेटा कार एस्कॉर्ट कर रही थी। सूचना के आधार पर साइबर सेल, डीएसटी तथा परसाद थाना पुलिस ने संदिग्ध वाहनों पर निगरानी शुरू की।
पुलिस को देखते ही बढ़ाई रफ्तार
पुलिस टीम ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश की। पीछा करने के दौरान तस्करों ने पुलिस के सरकारी वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर से सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। जिला विशेष टीम प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। इसके बावजूद जवानों ने पीछा जारी रखा और स्कॉर्पियो-एन को रोकने में सफलता हासिल की।
स्कॉर्पियो से मिला 209 किलो डोडा चूरा
पुलिस ने स्कॉर्पियो-एन की तलाशी ली तो उसमें 209 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा मिला। वाहन से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। मौके से पुलिस ने स्कॉर्पियो में सवार दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मांगीलाल पुत्र जेठाराम (21), निवासी नगर, तहसील गुड़ामालानी और कैलाश पुत्र रूपाराम (21), निवासी नाहर, तहसील गुड़ामालानी के रूप में हुई है।
क्रेटा चालक हाईवे से फरार
स्कॉर्पियो को एस्कॉर्ट कर रही सफेद रंग की क्रेटा कार का चालक रमेश निवासी पूर, सांचौर पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके का फायदा उठाकर हाईवे से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
तस्करी नेटवर्क की पड़ताल शुरू
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डोडा चूरा कहां से लाया गया था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और तस्करी के इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में साइबर सेल के हेमेन्द्रसिंह,कांस्टेबल नं ,154 तथा युवराज सिंह, कांस्टेबल नं. 333 की विशेष भूमिका रही। वहीं गोपालकृष्ण, थानाधिकारी परसाद और प्रताप, उप निरीक्षक जिला विशेष टीम ने भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।









