एनीमिया पर कलेक्टर की सख्ती, स्कूल से आंगनवाड़ी तक लिया जायजा आयरन-फोलिक एसिड की नियमित खुराक और पौष्टिक आहार को बताया जरूरी, स्वास्थ्य सेवाओं की भी जांच
सलूंबर, 25 अगस्त। बच्चों और किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। मंगलवार को जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने अदकालिया क्षेत्र का दौरा कर विद्यालय, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की नियमित पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने अदकालिया सोलर, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अदकालिया और उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्होंने पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इसके बाद मीणावाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों को मिल रही पोषण सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बच्चों से पूछा, एनीमिया से कैसे बचेंगे?
विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र में मौजूद बच्चों एवं बालिकाओं को एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय बताए गए।
अधिकारियों ने समझाया कि नियमित आयरन-फोलिक एसिड की खुराक के साथ संतुलित और पौष्टिक भोजन एनीमिया से बचाव में अहम भूमिका निभाता है।
अधिकारियों के अनुसार 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को मंगलवार और शुक्रवार को 1 एमएल आयरन-फोलिक एसिड सिरप दिया जाता है। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को मंगलवार को 45 मिलीग्राम आयरन की गुलाबी गोली, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को 60 मिलीग्राम आयरन की नीली गोली दिए जाने का प्रावधान है। विद्यार्थियों को इनकी नियमित खुराक लेने के लिए जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं भी परखी
उप स्वास्थ्य केंद्र अदकालिया में जिला कलक्टर ने दवाइयों, स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मीणावाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को मिलने वाले पोषण और अन्य लाभों की जानकारी लेते हुए संबंधित कार्मिकों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुमार परमार, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.डी. मीना, उपनिदेशक आईसीडीएस विजय राज मीना तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कपिल कुमार मेहता सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
नियमित खुराक से ही मिलेगी एनीमिया पर जीत
अधिकारियों ने कहा कि एनीमिया नियंत्रण केवल दवा तक सीमित नहीं है। नियमित आयरन-फोलिक एसिड सेवन, पौष्टिक भोजन, समय पर जांच और लगातार निगरानी से बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य में बेहतर सुधार लाया जा सकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को जागरूकता, स्क्रीनिंग और निगरानी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से जारी रखने पर जोर दिया गया।