सलुंबर जिले में झल्लारा से भबराना में सम्पन्न हुई। किसी भी अच्छी बात को सीखने बताने के लिए कथा कहानियों का आश्रय लिया जाता है। वेद उपनिषदों की शिक्षाओं को पुराणों
के रूप में उतारा है। पुराण के अनुसार आचरण करने से मानव में देवत्व एवं धरती पर स्वर्ग आयेगा। कथा को यदि सार्वजनिक रूप से दृष्टांत सहित समझने का आयोजन किया जाए तो एक माह भी लग सकता है किंतु प्रायः सात आठ दिनों में इसे संपन्न कर सकते हैं। जिसमें श्रद्धा और विश्वास हो। जिस किसी को अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाना हो और पाप मुक्त होना चाहता हो वह भक्त इस कथा को कही भी अवकाश के क्षणों में कथा करवा सकते है, और सुन सकते हैं। भबराना क्षेत्र की महिलाएं बालिकाएं एवं युवाओं और बुजुर्गों ने पीले और भगवे वस्त्र धारण कर गांव में भ्रमण किया। शुरुआत गायत्री परिवार के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ देव पूजन कलश पूजन कराया गया। गायत्री परिवार के भक्तों द्वारा कार्यक्रम 15 तारीख से 22 तारीख तक चलाया जिसमें हमेशा शाम 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक कथा व सुबह 7 बजे से 10 बजे तक गायत्री महायज्ञ चला। प्रज्ञा पुराण कथा की पूर्णाहुति एवं गायत्री परिवार दीक्षा कार्यक्रम हेमंत गुरुजी के सानिध्य में आयोजित हुआ। । अतिथि विवेक, विजयवर्गीय प्रोफेसर रमेश आसावत, डॉ तरुण मौजूद रहे। समस्त ग्रामवासियों ने कार्यक्रम को हर्षोल्लास के साथ आगे विदा किया







