आर एस एस की प्रमुठ नागरीक गोदित सम्पन्न भारत की गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता श्याम मनोहर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सलूम्बर भारत प्राचीन समन से सोने की पिडित को। विश्व गुरु रहा है। 2 सहालाब्दियों के संघर्ष के बाद भी सनातन संस्‌कृति आज पूरे विश्व का मार्मिदर्शन कर रही है। भारतीय संस्कृति में परिवार व्यवस्था है जिल्ले कर्तव्यो पर जोर दिया गया है ना की
अधिकारी पर। संघ के शताब्दी वर्ष में प्रबुद्धजले
द्वारा सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षक व बोध और नागरिक शिष्यचा के माध्यम से समाज सम को प्रबोधन करने की आवश्यकता है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के होल सम्पर्क
प्रमुख श्याम मनोहर जी ने प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी में कड़ी सुनोती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क विभाग की जोर से राष्ट्र के समन चुनौतिया एवं हमारी भूमिका विषयक संगोष्ठि का आयोजन शनिवार में
शाम ओजस्वी उपवनवाटिका में किया गया। मुख्य वक्ता श्याम मनोहर ने कहा की भारत की ओवशाली
पापय को आगे बढाने की आपकता है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विभाग कार्यवाह नारायण मेहता ने
प्रस्तावना रखी। अतिमी परिचय सहजिल्ला कार्यवाह जुमान सिह नेवराला। झा दोरान प्रान्त सम्पर्क प्रमुख मुरारी गौतम, जिस संघचालक धर्मनारायण मोड विभाग सम्पर्क प्रमुख डा. किशोरीलाल
जितासम्मलाई अमुक जितेन्द्र मेहता, झल्लाए ि खण्ड संध्यान्ह पुजीलाल वालेती, सेमारी संघचालक भेरूलाल मीणा, उपादा संघ‌चालक भवातिह पसिनोडिया मौजूद रहे।

रिपोर्टर गर्ग

और पढ़ें

error: Content is protected !!