
दिखाई दे रहा था सभी राष्ट्र संत को सुनने के लिए बहुत ही उत्साहित थे आज का विषय था जीवन जीने की कला आचार्य श्री ने बताया बोलना सभी को आता है किंतु कब कहां क्या कैसे बोलना यही जीवन जीने की सबसे बड़ी कला है आचार्य श्री ने बताया सबसे मीठा बोलिए मीठा बोलने में
किसी का एक पैसा भी खर्च नहीं होता है जीवन का मूल मंत्र बना लीजिए हम किसी से कड़वा कड़वी वाणी नहीं बोलेंगे मीठा बोलने से बिगड़े हुए कार्य भी बनते नजर आते हैं।इस
अवसर पर आचार्य श्री जी से स्थानीय विधायक शांता देवी अमृतलालजी मीणा, भाजपा नेता कैलाश गांधी प्रभु लाल जैन एवं एडवोकेट परमानन्द मेहता एवं अनेक धर्म प्रेमियों के साथ जैन अनुयायियों ने प्रवचनों को सुन कर आशिर्वाद प्राप्त किया।WhatsApp us