उदयपुर शहर विधायक ने विधानसभा पटल पर रखी विभिन्न मुद्दे

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आपउदयपुर. उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के बाद भी पट्टे जारी करने पर तत्कालीन आयुक्त बारहठ के खिलाफ चले कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट
– वर्ष 2022-24 तक ऑडिट में निगम को 30 करोड़ रूपए का नुकसान में तत्कालीन आयुक्त बारहठ की भूमिका की हो जांच
– पहाडिय़ों की कटिंग, बिना लाईसेंस नॉनवेज की दुकानों को बंद किया जाए*
उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में पटल पर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ द्वारा सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण के विचाराधीन होने के बाद भी पानेरियो की मादड़ी में पट्टे जारी करने पर बारहठ के खिलाफ कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट की कार्यवाही करने की मांग रखी है। साथ ही वर्ष 2022 से 24 तक ऑडिट रिपोर्ट में 30 करोड़ की हानि बताएं जाने पर तत्कालीन आयुक्त बारहठ की मिलीभगत की जांच की मांग विधानसभा में पटल पर रखी है।
उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा पटल पर विभिन्न मुद्दे रखते हुए बताया कि यूआइटी ने 25 अप्रैल 2014 को नगर निगम (तत्कालीन नगर परिषद) को पानेरियों की मादड़ी में खसरा नम्बर 1163 के मामलें में उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में एसएलपी 20793/09 विचाराधीन होने से कोई कार्यवाही नहीं करने के लिए लिखा था, लेकिन निगम के तत्कालीन आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ ने वर्ष 21-22 में शौकिन पितलिया को 1 बी पानेरियों की मादड़ी, संध्या पितलिया को 1 ए पानेरियों की मादडी और 2022-23 में मैसर्स ऑरबिट रियल मार्ट प्राईवेट लिमिटेड़ को 1 सी पानेरियों की मादडी में पट्टे जारी कर दिए, जबकि यह यह मामला उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में विचाराधीन था। इसके बाद भी तत्कालीन आयुक्त ने पट्टे जारी कर दिए, जो कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट की श्रेणी में आता है। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा की पटल पर यह मामला रखते हुए निगम के तत्कालीन आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ के खिलाफ कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट की कार्यवाही की मांग की है। इसके साथ ही
विधानसभा के पटल पर नगर निगम उदयपुर में वर्ष 2022 से 2024 के बीच में स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की रिपोर्ट अनुसार 30 करोड़ की वसूली एवं हानि मिली है, जिसकी निवर्तमान पार्षद महेश त्रिवेदी ने सूचना के अधिकार में मांगे दस्तावेजों में 30 करोड़ की राजस्व हानि दर्शाई गई है, जिसमें भी तत्कालीन आयुक्त हिम्मत सिंह की भी कहीं ना कहीं लिप्तता है। जिसकी शहर विधायक ताराचंद ने जांच की आवश्यकता बताते हुए जांच की मांग की है। निजी खातेदारी पहाडिय़ों को कटौती को रोका जाए आदि
उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा के पटल पर रखा कि उदयपुर की सुंदरता एवं पर्यटकों की आवक यहां के अरावली की हरी-भरी पहाडिय़ों के बीच भरी हुई झीलों से है। पूरे वर्ष में राज्यों के साथ विदेशी पर्यटक भी उदयपुर में आते है। उदयपुर शहर में भूमाफियों द्वारा पहाडिय़ा काटी जा रही है। जिसमें शहर के आस-पास कुल 43 पहाडिय़ों को प्रशासन ने चिन्हित किया था। वर्ष 2018 में हिल्स पॉलिसी बनाई गई, परन्तु खातेदारो एवं भूमाफियों ने उच्च न्यायालय में जाने से हिल्स पॉलिसी पर भी रोक लग गई। पहाडिय़ों पर जिन निजी खातेदारी की जमीन है उन्हें अन्यत्र स्थान पर भूमि देने के बाद पहाड़ी को वन भूमि (फोरेस्ट लेण्ड) घोषित करने की मांग की है 272 प्लॉट प्रकरण में अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई है
उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने पटल पर रखा कि पिछली सरकार में हुए 272 भुखण्डों के महाघोटाले में करोड़ों के नुकसान को विधानसभा में उठाया था। जिसमें मंत्री ने आश्वासन दिया कि 31 दिसम्बर तक इसमें लिप्त सभी कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्यवाही हो जाएगी। मंत्री के आश्वासन बाद 10 को गिरफ्तार कर जेल भेजा, परन्तु अभी भी इसमें सरकारी अधिकारी व कर्मचारी बच रहे है। जिन पर त्वरित कार्यवाही की मांग की है। बिना लाईसेंसी नॉनवेज की दुकानें बंद की मांग की है।
उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा पटल पर रखा कि जो नॉनवेज की बिना लाईसेंस के ही दुकाने चल रही है। शहर में अंडे के थेलो की आड़ में इनका अवैध व्यापार बढ़ता जा रहा है। शहर के मुख्य मार्गों पर, चौराहो पर गलियों में और घरों से ही यह बिना लाईसेंस ही व्यापार कर रहे है। शहर में लाईसेंसधारियो की जांच की मांग करते हुए जिनके पास लाईसेंस नहीं है उन्हें हटाने की माग की है। यह जानकारी ललित तलेसरा मीडिया प्रभारी (शहर विधायक) ने दी।

रिपोर्टर गर्ग

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