भगवान महावीर के जन्मकल्याणक शोभायात्रा में उमड़ा जन सैलाब जियों और जीने दो के जयकारों से गूंज उठा नगर

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सलूंबर।भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव पर भक्ति मय हुई नगरी। समाज के ऋषभ महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के सचिव प्रभुलाल जी दोशी ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव बड़ी भक्ति भाव से मनाया गया। सर्वप्रथम सूर्योदय के साथ नगर में प्रभात फेरी

निकाली गई और नगर के सभी जिनालयों में भगवान का अभिषेक शांतिधारा की गई। प्राचीन आदिनाथ मंदिर में पूज्य गणिनी आर्यिका सुभुषण मति माताजी व क्षुल्लक महोदय सागर जी के सानिध्य में व विधानाचार्य नितिन

गुनावत के मंत्रोच्चार से पंचामृत अभिषेक छगन लाल जी केशवलाल जी दोशी, शांतिधारा कैलाश चंद्र जी शांतिलाल जी गुनावत, क्षीरसागर रमेश कुमार जी दलीचंद जी सिंघवी परिवार ने किये। तत्पश्चात 1008

आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बीसा नागदा समाज के मंदिर से भव्य शोभायात्रा आर्यिका संघ के सानिध्य में निकली जो नगर के विभिन्न मार्ग से होते हुए तालाब पर पहुंची। जहां पर संघ के साधुओं के प्रवचन हुए। क्षुल्लक श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान महावीर आउट ऑफ डेट नहीं अप टू डेट है। महावीर के सिद्धांत अनेकांत,

अपरिग्रह से जीवन को सही मार्ग में ले जाया जा सकता है। महावीर के जीव ने कई भवों पूर्व मुनि के समक्ष अणुव्रत की लिए और भविष्य में उसी संयम से महावीर बन गए। पूज्य माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में महावीर के संस्कार को अपनाने के लिए जीवन को संयमित बनाना आवश्यक है। बचपन से ही बच्चों में संस्कार का आरोपण अतिआवश्यक है। सात्विक भोजन से ही भजन भक्ति संभव है। परिवर्तन के साथ भी अपनी पहचान और संस्कार को बनाए रखना ही सही जीवन है। पंचम काल के अंत तक जैन धर्म अखंड रहेगा और मुनि धर्म रहेगा। तत्पश्चात श्रीजी की आरती हुई। और शोभायात्रा का समापन 1008 श्री आदिनाथ मंदिर बीसा नागदा समाज में हुआ। और सामूहिक भोजन श्री भगवती लाल जी पन्नालाल जी गोटी की तरफ से हुआ। कार्यक्रम में सेठ लक्ष्मीलाल जी ढालावत, सेठ रमेश जी कुनिया, सेठ अभय कुमार जी गांधी, सेठ महेंद्र जी रुपावत, सेठ देवेंद्र जी दोषी, जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जी सालगिया, कोषाध्यक्ष धीरज जी भूता, दिनेश जी ढालावत, अक्षय जी गडिया, छगनलाल जी दोशी, शांतिलाल जी गुनावत, मगन जी भीमावत, भंवर जी ढालावत, रामचंद्र जी ढालावत, भगवती लाल जी सिंघवी, जिनेन्द्र जी गांधी, राजकुमार जी गांधी, पंकज जय प्रकाश शाह, विनोद जी गड़िया, कल्पेश जी पारडीया, नरेंद्र जी मिंडा, नरेंद्र जी कोठारी, मनोहर जी ढालावत, नरेंद्र जी पारडीया, शैलेंद्र रुपावत, केशरीमल ढालावत, मनोहर सिंघवी, ऋषभ सिंघवी सहित सैकड़ों श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे।

रिपोर्टर नारायण सेन

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