
ईश्वरीय रस में लीन हो जाए वो रास है। वो ही रास गोपियों ने श्रीकृष्ण के साथ किया। वैसा ही आपको भी ईश्वर की भक्ति रस में अमृत का पान भागवत कथा कराती है। महर्षि ने “गोपी गीत” के श्लोक को भागवत की आत्मा बताया और कहा कि एक एक गोपी ने एक एक श्लोक श्री कृष्ण की भक्ति में गाया – ” जयतितेधिकं -जन्मना वृज तव कथामृतमं तप्त जीवनं ये ही कलयुग का अमृत है, जो तप्त जीवन को शांति देता है। दो प्रकार की ईश्वर लीला बताई गई अनुभवात्मक लीला श्री रामकी। राम का चरित्र मानस में बना रहे। ये ही रामचरित मानस पूरे मानव समाज को जीवन की सीख देता है, राम मंगलभवन है जो
अमंगल का हरण करते है। जीवन में अमंगल दिखे तो श्रीराम का नाम जपों।दूसरी लीला श्रीकृष्ण की जो हमे गीता जैसा अमृत युद्ध काल मे दे गए। कथा में वृन्दावन, गोकुल में बाललीला,फिर मथुरा गमन कंस वध प्रसंग माता-पिता वसुदेव देवकी को कारागृह से मुक्त कराने के बाद-श्रीकृष्ण सांदीपनि मुनि केआश्रम शिक्षा के लिए गए। सुदामा प्रसंग,उद्धव प्रसंग आदि का मर्म बताया। कथा में रामबाबा कुक्षी, गुरूभाई रामानंद सलकनपुर नर्मदापुरम से पधारे।सांसद चन्द्र प्रकाश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत ने गुरूदेव से भेंट कर आशीर्वाद लिया। गुरूदेव उत्तम स्वामीजी ने “अर्जन-सर्जन” के भागवत कथा विशेष अंक का विमोचन किया। कमलेश
खण्डेलवाल इन्दौर,ओम सोनी उज्जैन टीकम जैन ,तपन भौमिक,दीपक टांक भोपाल और मुख्य यजमान कमलेश पाटीदार गादोला भोजन प्रसादी यजमान भगवत सिंह जाड़ावत परिवार संचई,पोथी पूजन यजमान प्रकाश परमार परिवार झांसड़ी , आरती यजमान रमेश टाक परिवार प्रतापगढ़ रहे l यह जानकारी गुरूभक्त मंडल के मीडिया प्रभारी चन्द्रशेखर मेहता ने दी और बताया कि गुरुमन्त्र दीक्षा कार्यक्रम बुधवार शाम को हुआ। संचालन प्रकाश व्यास ने किया l इस अवसर पर ओम प्रकाश ओझा, सभापति रामकन्या गुजर कन्हैयालाल मीना धरियावद आदि ने आशीर्वाद लिया।WhatsApp us