
समाधान”* पर चर्चा हुई।सभी ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध विराम का स्वागत किया,क्योंकि किसी भी युद्ध से किसी समस्या का समाधान नहीं होता बल्कि पर्यावरण और जन-धन की भारी हानि होती है,जन कल्याण के बजट में कटौती करके युद्ध और हथियारों की होड़ में खर्च करना पड़ता है। भारत, पाकिस्तान सहित कई देशों में हथियारों का व्यापार/होड़ बढ़
जाती है तथा हथियार बनाने वाली कंपनियों का मुनाफा कई गुना जरूर बढ़ जाता है। चर्चा में यह बात उभर कर आई कि *जम्मू- कश्मीर समस्या का स्थाई हल इससे जुड़े तीनों पक्ष- भारत पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर के लोग- के बीच त्रिपक्षीय वार्ता/सहमति से ही हो सकता है।क्योंकि गत 77 वर्षों में भारत-पाकिस्तान ने आपस में पांच बार युद्ध करके देख लिया, शिमला समझौता/द्विपक्षीय वार्ताएं कर ली,”नोटबंदी से आतंकवादियों की कमर तोड़ना”,धारा 370 समाप्त करना आदि तरीकों से भी जम्मू कश्मीर समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ।*त्रिपक्षीय वार्ता में प्रकृति-मानव केंद्रित जन आंदोलन की निम्न राय पर भी विचार किया जा सकता है कि-*WhatsApp us