
लगी। श्रद्धालुओं ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान बारोल जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर को रंग-बिरंगे पताकाओं, फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया मेले में बच्चों और युवाओं के लिए गतिविधियाँ, तथा खानपान की विविध दुकानों ने विशेष आकर्षण बटोरे। स्थानीय लोगो द्वारा भजन-कीर्तन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मेले की संपूर्ण व्यवस्था व बारोल जी मंदिर , ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से की गई थी। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की भी उचित व्यवस्था रही। ग्रामीणों ने मेले को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।WhatsApp us